
चौसाना। कस्बे के बाईपास तिराहे पर साइबर अटैक और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते खतरों से लोगों को बचाने के लिए पुलिस ने विशेष साइबर जागरूकता पाठशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते डिजिटल अपराधों से सतर्क करना और मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति जानकारी प्रदान करना था। साथ ही फ्री विधिक सहायता,ग्राउंड वैरिफिकेशन,साईबर कोर्सेज व दुर्घटना मे मृतक के आश्रितो को आर्थिक सहायता की जानकारी दी गई। इस दौरान सैक्डों की संख्या मे ग्रामीण एकत्र रहे।
कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित लोगों को धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों, ठगों द्वारा अपनाई जाने वाली चालों और सुरक्षित तकनीकी व्यवहार के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि झूठे संदेशों, फर्जी कॉल, लालच भरे पुरस्कारों, बैंक खाते से धन निकालने के प्रयासों और निजी जानकारी हासिल करने के माध्यम से लोगों को कैसे ठगा जाता है।चौकी प्रभारी संदीप यादव सलाह दी कि अनजान संदेशों, संदिग्ध संपर्कों और अविश्वसनीय माध्यमों से दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यह सतर्कता साइबर ठगी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महिलाओं से संबंधित अपराधों की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। इसके लिए उपलब्ध सहायता माध्यमों और शिकायत प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रभारी संदीप यादव और साइबर टीम से दीपक धामा ने एलईडी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। अधिकारियों ने जोर दिया कि जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी साधन है और प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सतर्क करे। इस मौके पर बाजार में आने-जाने वाली महिलाओं और पुरुषों को विशेष रूप से जागरूक किया गया।







