Home » उत्तर प्रदेश » शामली » विधान सभा में जम कर गरजे किरण पाल कश्यप

विधान सभा में जम कर गरजे किरण पाल कश्यप

विधान सभा में जम कर गरजे किरण पाल कश्यप

शामली ।विधान सभा में नियम-105 की नोटिस पर बोलते हुए किरण पाल कश्यप ने कहा कि हमारी जो सरकार है, यह कहते हैं जीरो टॉलरेंस की सरकार है, बिल्कुल रामराज आ गया, कोई घटना नहीं हो रही, मेरा कहना यह है कि इस सरकार में पूरे प्रदेश में जघन्य हत्याकांड, रेप की घटनाएं, लूट, डकैती चरम पर है। अभी डॉ० मान सिंह जी पढ़ रहे थे, मैं इस घटना का चश्मदीद हूं क्योंकि मैंने प्रोटेस्ट किया है। मैं पीडित परिवार से मिलने गया, यह 05 तारीख को अपने मौसी के यहां ज्वालागंज मिलने जा रहा था लड़का। सरगना रास्ते में उतर गया। वहां से वह टैंपों में बैठ गया। बाकी सवारी उत्तर गई, 05 किलोमीटर आगे उसका गांव था, वहां उसको जाना था। टैंपो चालक ने उसको शराब पिलाई खुद पी और कहासुनी हुई, उसने चार-पांच लोगों को फोन करके बुला लिया, स्थानीय लोगों को, वहां पहले ले जाकर उसको बहुत मारा-पीटा गया। जब यह देखा कि यह मरणासन्न अवस्था में है तो उसको वहीं बांधकर जिंदा जला दिया गया। उसकी तस्वीर भी मेरे पास है, मैं आपको भिजवा रहा हूं। इससे गंभीर घटना क्या हो सकती है। मौसी को पता चलता है, जो अनपढ़ महिला है। मदनमती जो अंगूठा छाप और अनपढ़ औरत है। उससे अंगूठा लगवा लिया, अपनी तरफ से दलील लिख दिया, उसमें किसी नामी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। उस टैंपो चालक को केवल एक आदमी हत्या करके जिंदा ही जला सकता है और वह पूरे परिवार को चलाने वाला लडका था। उसकी बूढ़ी मां है, मैं मिलकर आया परिवार से, बहनें हैं, छोटे बच्चे हैं। हलवाई का काम करता था, उसी से उसके परिवार का गुजारा चलता था। उसके बाद केवल उसको नाबालिग दर्शा कर बाल सुधार गृह में जेल भेजा दिया। इससे बड़ा अपराध क्या हो सकता है? एक बाल अपराधी हत्या करके जिंदा नहीं जला सकता। आज तक इमसे कोई कार्यवाही नहीं हुई. इससे लोगों में बड़ा आकोश हुआ और 16 तारीख को, उससे पहले 13 तारीख को मैं लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिलेश जी को मैंने उससे अवगत कराया। उन्होंने पार्टी फंड से 02 लाख रूपए परिवार की सहायता के लिए दिए। उसके बाद जब आंदोलन हुआ तब 06 तारीख को सुबह ही मैं उसका नाम भी बता देता हूं उससे पुलिस वाले ने अंगूठा लगवा लिया किसी अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया ओर आंदोलन के बाद
सरकार जागी और हम लोग मिलकर आगे आए जब वहां पहुंचे तो सरकार के एक मंत्री जी को आदेश किया गया कि आप भी जाइए, समाज का मामला है तो वह गए और समाज से मिलकर आने के बाद अपना जन्मदिन मनाने लगे, ढोल नगाड़ों के साथ। उसके बाद उस लड़की को लेकर लखनऊ आए मा० मुख्यमंत्री जी से मिलवाया और गिरफ्‌तारी की बात छोडिए, पांच लाख रूपए का चेक उनके द्वारा दे दिया गया लेकिन जो असली मुजरिम है, वह आज तक नहीं पकडे गए। मैं सदन के माध्यम से मांग करता हूं कि जिन चार लोगों ने हत्या की. वह क्यों नहीं पकडे गए ? पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करके सुनिश्चित कार्यवाही नहीं की, उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। ऐसी घटनाएं एक नहीं, यह उस घटना की पूरी एफ०आई०आर० की कॉपी मेरे पास है। दूसरी घटना मैनपुरी में ग्राम एहमलपुर थाना देवर जनपद मैनपुरी में कुमारी गीता पुत्री स्व० जगतपाल कश्यप रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई और उसमें जांच के लिए एक प्रतिनिधिमंडल गया, हमारे साथ राजपाल कश्यप सदस्य विधान परिषद भी गए थे।

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This