एससी, सामान्य वर्ग की अनदेखी का आरोप, कार्यकर्ता नाराज
गढ़ी पुख्ता में नामित सभासदों के चयन पर विवाद
गढ़ी पुख्ता : नगर पंचायत में तीन साल बाद नामित सभासदों की घोषणा पर विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को जारी सूची में तीनों नामित सदस्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं, जिससे अनुसूचित जाति (एससी) और सामान्य वर्ग के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
भाजपा की जिला कोर कमेटी के इस निर्णय पर कार्यकर्ताओं ने असंतोष जताया है। गढ़ी पुख्ता भाजपा मंडल महामंत्री अनिल खटीक के आवास पर हुई एक बैठक में कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को अनुचित करार दिया। इस दौरान नीरज जैन ने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग की अनदेखी पार्टी के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
अनिल खटीक ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। वहीं, पार्टी कार्यकर्ता योगी बाबा कमलनाथ ने आरोप लगाया कि भाजपा अनुसूचित जाति समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।
जारी सूची के अनुसार, महेश सैनी और राजीव तोमर को भाजपा से तथा रालोद से मास्टर कृष्णपाल को नामित किया गया है। इसके विपरीत, भाजपा के कई समर्पित कार्यकर्ता जैसे नीरज जैन, अनिल खटीक, अनुकूल गिरी, अनुज कश्यप, बाबा कमलनाथ और वरिष्ठ बाबल कुरैशी को नजरअंदाज कर दिया गया है।
कार्यकर्ताओं ने महेश सैनी के परिवार को बार-बार अवसर मिलने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि महेश सैनी के पिता लगातार तीन बार चेयरमैन पद का चुनाव लड़ चुके हैं। कार्यकर्ताओं का मत है कि एक ही परिवार को बार-बार मौका देने के बजाय जमीनी और मेहनती कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यकर्ताओं का मानना है कि जब पद जनता के वोटों से नहीं, बल्कि सिफारिशों से मिलते हैं, तो ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इस स्थिति को देख रही है और समय आने पर इसका उचित जवाब भी देगी।

फोटो: चयनित प्रक्रिया से नाराज बैठे कार्यकर्ता
अनुकूल गिरी, अनुज कश्यप, ऋषिपाल सैनी और महावीर गिरी अजय सैनी ने भी पार्टी के इस निर्णय पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का पार्टी में अब कोई सम्मान नहीं बचा है। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भविष्य में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने का संकल्प भी लिया।
रिपोर्ट: सचिन तोमर गढ़ीपुख़्ता







