चौसाना। वीरवार को एक बार फिर तकनीकी फॉल्ट ने चौसाना क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। दथेड़ा बिजलीघर की 33 केवीए लाइन का इंसुलेटर फटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। दथेड़ा और चौसाना बिजलीघरों की लाइनों के आपसी क्रॉस के कारण एक जगह आई खराबी ने दूसरे क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भीषण परेशानी झेलनी पड़ी।
बिजलीघर के जेई आजम अकबर के अनुसार, दथेड़ा लाइन में आई खराबी को दुरुस्त करने के लिए एहतियातन चौसाना की 33 केवी लाइन का शटडाउन लेना पड़ा। क्रॉसिंग पॉइंट पर जोखिम की स्थिति को देखते हुए सप्लाई बंद रखना जरूरी था। लेकिन इस तकनीकी मजबूरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा, जहां शाम 3 बजे से ही घरों, दुकानों और खेतों में अंधेरा छाया रहा।
करीब सात घंटे बाद रात 10 बजे जैसे-तैसे आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी। महज एक घंटे बाद ही बिजलीघर पर 33 हजार का फ्यूज उड़ गया, जिससे फिर अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए फ्यूज जोड़ा, मगर इसके बाद भी समस्याओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आया। कॉपरेटिव बैंक के पास एलटी लाइन का तार टूट गया, वहीं बाईपास और थानाभवन स्टैंड पर भी तार टूटने की सूचनाएं मिलती रहीं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाईपास की जर्जर लाइन रोजाना टूटती है, जैसे ही फॉल्ट होता है तो फीडर ट्रिपिंग नहीं होता जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समस्या आम हो गई है। हालत यह है कि हल्की सी तकनीकी गड़बड़ी पर पूरी लाइन जवाब दे देती है। लोगों ने आशंका जताई कि इस तरह की जर्जर व्यवस्था किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है, क्योंकि जगह-जगह तार टूटने से कभी भी गंभीर घटना हो सकती है।
उधर, बिजली विभाग द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में उपभोक्ताओं का गुस्सा साफ देखने को मिला। लोगों ने बार-बार हो रही कटौती पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की, तो कुछ ने विभाग पर सिर्फ बिल वसूली तक सीमित रहने का आरोप लगाया। किसान यूनियन ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
हालांकि, इस सबके बीच लाइनमैन पूरी रात जर्जर लाइनों को जोड़ने में जुटे रहे, लेकिन संसाधनों की कमी और पुरानी हो चुकी व्यवस्था के चलते समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। फिलहाल विभाग ने जल्द ही आपूर्ति पूरी तरह सुचारू करने का दावा किया है, लेकिन लगातार बिगड़ती स्थिति ने चौसाना की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उप:संपादक शकील राणा







