चौसाना। क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र खोड़समा पर संविदाकर्मी की करंट से मौत के मामले में शनिवार देर शाम मृतक सचिन का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव रविवार तड़के करीब एक बजे नाई नगला गांव पहुंचा, जहां परिजनों में कोहराम मच गया। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे गमगीन माहौल में सचिन का अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए विद्युत विभाग के जेई आज़म अकबर और एसडीओ साहब सिंह भी गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक की पत्नी से बैंक खाता विवरण, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा बच्चों के आधार कार्ड प्राप्त किए। साथ ही पत्नी और बच्चों का संयुक्त खाता खुलवाने के लिए कहा, ताकि विभागीय प्रक्रिया के साथ-साथ कर्मचारियों द्वारा अपने स्तर से भी परिवार की सहायता की जा सके।
इसके बाद गांव के जिम्मेदार लोगों ने घटनास्थल वाले खेत मालिक विजेंद्र के खेत को ठेके पर लेने वाले भड़ी मुस्तफाबाद निवासी ठेकेदार को भी मौके पर बुलाया। ग्रामीणों के सामने एसडीओ और जेई ने ठेकेदार से घटना से पहले की स्थिति के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों के अनुसार, सचिन की मृत्यु के बाद घटनास्थल पर दो लाइनमैन गुरमीत और जयपाल करीब 10 बजे मौजूद मिले थे। ठेकेदार ने बताया कि वह अपने ट्यूबवेल का फॉल्ट ठीक कराने के संबंध में पूछताछ करने पहुंचा था, तभी लाइनमैनों ने उसे सचिन की मौत की सूचना दी। बताया गया कि दोनों लाइनमैन काफी घबराए हुए थे और उन्होंने ठेकेदार को भी मौके से चले जाने को कहा। आरोप है कि उन्होंने न तो किसी प्रकार की मदद की और बाद में मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण पुलिस चौकी पहुंचे और लाइनमैनों के खिलाफ तहरीर देने की तैयारी की, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने समझाइश देकर तहरीर देने से रोक दिया, ताकि मुआवजे की प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो। इसके बाद परिजन चौकी प्रभारी से धारा 161 के बयान दर्ज कराने का समय लेकर वापस लौट आए। वहीं, विद्युत विभाग के एसडीओ और जेई ने घटना के समय बिजली घर पर तैनात एसएसओ राहुल, लाइनमैन गुरमीत और जयपाल के बयान दर्ज कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए शामली भेज दी है।
एक्सईएन सौरभ पाठक:-
मामले को लेकर एक्सईएन शामली सौरभ पाठक ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में ड्यूटी पर तैनात एसएसओ राहुल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुआवजे के संबंध में उन्होंने कहा कि विभाग पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। विभागीय नियमों के तहत पीड़ित परिवार को संभवतः अधिकतम मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है और सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही मुआवजे की राशि जल्द ही मृतक की पत्नी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
उप संपादक: शकील राणा







