गढ़ीपुख़्ता। गांव हथछोया में ऊन थानाभवन रोड़ पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस की पावन बेला में कथावाचक पंडित शिवम कृष्ण शास्त्री जी ने बताया
एकादशी का व्रत और सच्चे गुरु के द्वारा दिया गया मंत्र यही कलयुग के दो मूल मंत्र हैं जो मनुष्य योनि से मोक्ष की योनि करवाते हैं ।

भगवान के 24 अवतारों की कथा सुनाई भगवान किस अवतार में क्या लीला करते हैं सारी लीलाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन सुनाया
सुख दुख में मनुष्य को घबराना फूलना नहीं चाहिए सुख दुख से ही मनुष्य अपने मनुष्य जीवन को सार्थक एवं सफल बनाता है किंतु अहंकार अभिमान अपने जीवन में ना लाए तभी
परमात्मा की यदि कृपा हो जाती है गाड़ी घोड़ा घर मकान अच्छा मिल जाता है तो व्यक्ति के जीवन में अहंकार अभिमान आने लगता है तो अहंकार और अभियान से जीवन में बचना चाहिए।भागवत कथा हम सभी को एकत्रित एवं संगठित बनती है आपस में होने वाले झगड़ों से बैर से ईर्ष्या से बचाती है।
सचिन तोमर: गढ़ी पुख़्ता
इस दौरान नरेश तोमर, सुखबीर तोमर,अरुण तोमर, भोपाल तोमर ,कृष्ण पाल सैनी, मास्टर मैनपाल ,मास्टर अनिल शर्मा,सेठपाल कश्यप भगत, मोनू उपाध्याय ,अनुज तोमर आदि मौजूद रहे।







